Subscribe Us

header ads

6 दिसंबर 1992 को बाबर की गलती सुधार दी,अब 1947 वाली जिन्ना की गलती सुधारने का वक्त आ गया है - मनीष पॉल संपादक : जंतर मंतर टाइम्स डॉट ऑनलाइन,संस्थापक कुलसचिव : अखंड भारत विश्वविद्यालय।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट के पूर्व रिटायर्ड जस्टिस श्री मार्कंडेय काटजू जी ( आप माननीय पूर्व न्यायाधीश जी अखंड भारत के भी जबरदस्त पक्षधर भी हैं इस कारण मैं उनका अत्यंत सम्मान भी करता हूं) ने कहा है कि २८ वर्ष पूर्ण, आज ६ दिसंबर १९९२ को, भारत की १९४७ के बटवारे के बाद सबसे बड़ी त्रासदी घटी - बिल्कुल सही लिखा है आपने लेकिन वह 6 दिसंबर 1992 को नहीं बल्कि भारत के न्यायपालिका ने 5 एकड़ जमीन बाबरी मस्जिद को देने का निर्णय जिस दिन लिया उस दिन त्रासदी घटी थी क्योंकि 1947 में धर्म के नाम पर हिंदुओं ने अपनी जमीन मुसलमानों को एक बड़े देश के रूप में पाकिस्तान के रूप में देनी पड़ी इतना बड़ा बंटवारा होने के बाद फिर भी 5 एकड़ जमीन मुसलमानों को देनी पड़ी वाकई बहुत बड़ी त्रासदी है। वाकई बाबरी मस्जिद के लिए दी गई 5 एकड़ जमीन भी कैंसिल करना चाहिए और 1947 का बंटवारा भी कैंसिल करना चाहिए और उसे फिर भारत में मिलाना चाहिए। क्योंकि यह सब कुछ हमारा आपका यानी भारत माता के हिस्से का अभिन्न अंग ही तो है। बाबर की गलती सुधार दी अब जिन्ना की गलती सुधारने का वक्त आ चुका है- मनीष पॉल संपादक jantarmantartimes.online

Post a Comment

0 Comments