अखण्ड भारत, भारत के प्राचीन समय के अविभाजित स्वरूप को कहा जाता है। प्राचीन काल में भारत बहुत विस्तृत था जिसमें अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, तिब्बत, म्यांमार,भुटान,नेपाल,पाकिस्तान ओक्युपाईड़ कश्मीर आदि शामिल थे। कुछ देश जहाँ बहुत पहले के समय में अलग हो चुके थे वहीं पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि अंग्रेजों से स्वतन्त्रता के काल में अलग हुये।
अखंड भारत विश्वविद्यालय की स्थापना आजादी के ६७ वर्षो पश्चात् १४-१५ अगस्त २०१४ की मध्य रात्रि को की गई। विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजो की बेडियो से आजाद हुए भारत और लगातार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से अखंडता से खण्डता की ओर बढ़ते जा रहे शेष भारत को और अधिक खंडित होने से रोकने का प्रयास करना है। हम सबकी मातृभूमि भारत माता के खंडित हुए भूभाग को पुनः भारत वर्ष में मिलाने हेतु भारत के युवाओं को कृत संकल्पित करने का सशक्त प्रयास है।
स्थापना की पृष्ठभूमि
प्रज्ज्वल गंगोत्री सामाजिक सेवा समिति की केंद्रीय टोली ने अखंड भारत विश्वविद्यालय की संकल्पना को आधारभूत संरचना के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया, जिसमे १३ फरवरी २०१३ को स्थापित प्रज्वल गंगोत्री सामजिक सेवा समिति ने विश्वविद्यालय संचालन केंद्रीय परिषद् का गठन किया, इस केंद्रीय परिषद् की १ अगस्त २०१४ को नई दिल्ली में हुई प्रथम बैठक में विश्वविद्यालय स्थापना सम्बंधी मसोदा तैयार किया गया एवं इस आधार पर १४-१५ अगस्त २०१४ की मध्य रात्री को अखंड भारत विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी।
लक्ष्य
प्राचीनकाल से शिक्षा जगत में विश्वविद्यालय जैसी सुदृढ़ व्यवस्थाऐ भारत के द्वारा ही विश्व को भेट की गई। नालंदा एवं तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय भारत वर्ष ने तब दिए है, जब आज के कथित रूप से विकसित राष्ट्र के निवासी जंगलो में निर्वस्त्र घुमा करते थे। भारत तब भी गुरू था, है और भविष्य में गुरू की भूमिका में बने रहने के लिए भारत के नागरिको एवं सम्पूर्ण विश्व को भारतीय इतिहास से अवगत कराना, यही अखंड भारत विश्वविद्यालय का एकमेव लक्ष्य है।
अखण्ड भारत विश्वविद्यालय स्थापना का प्रमुख उद्देश्य विस्मृत होती जा रही भारत की प्राचीन, समृद्ध, गौरवशाली संस्कृति से वर्तमान एवं भावी युवा पीढ़ी को अवगत कराना है।
दृष्टिकोण
उत्तरं यत समुद्रश्य, हिमाद्रेश्चेव दक्षिणं।
वर्षं तद भारतम नाम, भारती यत्र संततिः।।"
समुद्र के उत्तर में और हिमालय के दक्षिण में जो भूभाग स्थापित है, वह भारत है और उसमे रहने वाली संताने भारतीय है।
विष्णु पुराण स्कंध -2 श्लोक-3
अखंड भारत विश्वविद्यालय का मुखपत्र राष्ट्रीय मासिक जंतर मंतर टाईम्स (jantarmantartimes.online ) है ।
अखंड भारत विश्वविद्यालय का मुखपत्र राष्ट्रीय मासिक जंतर मंतर टाईम्स (jantarmantartimes.online ) है ।




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